जैविक कृषि

1. जैविक कृषि एवं इससे संबद्ध क्षेत्र भारत की अधिकांश जनसंख्या, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, के लिए आजीविका का मुख्य साधन है।

2. यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के निर्धारण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

3. खाद्य सुरक्षा ,ग्रामीण रोजगार और पर्यावरण तकनीक जैसे कि मृदा संरक्षण ,प्राकृतिक संसाधनो का प्रबंधन आदि के सन्दर्भ में स्थायी कृषि समग्र ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है।

4. समग्र ग्रामीण विकास हेतु भारतीय कृषि क्षेत्र हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, पीली क्रांति एवं नीली क्रांति का द्योतक रहा है।

5. इस खंड में कृषि से संबंधित उत्पादों, मशीनरी, अनुसंधान इत्यादि के बारे जानकारी प्रदान की गई है।

6. सरकार की विभिन्न नीतियों, योजनाओं, कृषि ऋण, कृषि उत्पादों के बाजार मूल्य, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, ऋण एवं उधार, रेशम उत्पादन इत्यादि के बारे में विस्तृत जानकारी यहाँ दी गई है।


जैविक कृषि के सिद्धांत:-

1. प्रकृति की धरोहर है ।

2. प्रत्येक जीव के लिए मृदा ही स्त्रोत है ।

3. हमें मृदा को पोषण देना है न कि पौधे को जिसे हम उगाना चाहते है ।

4. उर्जा प्राप्त करने वाली लागत में पूर्ण स्वतंत्रता ।

5.पारिस्थितिकी का पुनरूद्धार ।

भूमि की उपजाऊ शक्ति : जैविक खाद्य

भारत में शताब्दियों से गोबर की खाद, कम्पोस्ट, हरी खाद्य व जैविक खाद्य का प्रयोग विभिन्न फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। इस समय ऐसी कृषि विधियों की आवश्यकता है जिससे अधिक से अधिक पैदावार मिले तथा मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित न हो, रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक खादों के उपयोग से मिट्टी की उत्पादन क्षमता को बनाए रखा जा सकता है। जिन क्षेत्रों में रासायनिक खादों का ज्यादा प्रयोग हो रहा है वहां इनका प्रयोग कम करके जैविक खादों का प्रयोग बढाने की आवश्यकता है। जैविक खेती के लिए जैविक खादों का प्रयोग अतिआवश्यक है, क्योंकि जैविक कृषि में रासायनिक खादों का प्रयोग वर्जित है। ऐसी स्थिति में पौंधों को पोषक तत्व देने के लिए जैविक खादों, हरी खाद्य व फसल चक्र में जाना अब आवश्यक हो गया है। थोड़ी सी मेहनत व टैक्नोलॉजी का प्रयोग करने से जैविक खाद्य तैयार की जा सकती है जिसमें पोषक तत्व अधिक होंगे और उसे खेत में डालने से किसी प्रकार की हानि नहीं होगी और फसलों की पैदावार भी बढ़ेगी।

जैविक खेती के महत्व:-

  • 1. भूमि की उर्वरा शक्ति में टिकाऊपन
  • 2. जैविक खेती प्रदूषण रहित
  • 3. कम पानी की आवश्यकता
  • 4. पशुओं का अधिक महत्व
  • 5. फसल अवशेषों को खपाने की समस्या नहीं ।
  • 6. अच्छी गुणवत्ता की पैदावार ।
  • 7. कृषि मित्रजीव सुरक्षित एवं संख्या में बढोतरी ।
  • 8. स्वास्थ्य में सुधार
  • 9. कम लागत
  • 10. अधिक लाभ


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